(बाल कविता)
इतिहास लिखो
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इतिहास लिखो, इतिहास पढ़ो
इतिहास बना दिखलाओ तुम।
अनमोल धरोहर है अपनी
अब इसे बचाने आओ तुम।।
जन्म हुआ मानव का कैसे,
कैसे आग बनाई थी,
कैसे कपड़े छाल के पहनें,
कैसे हुई कताई थी,
वानर से मानव बनने की
रोचक कथा सुनाओ तुम ।
इतिहास लिखो, इतिहास पढ़ो
इतिहास बना दिखलाओ तुम।।
बड़े भयंकर जंगल में रह
जीवन यापन करते थे,
पत्थर के औजार बना कर
हिंसक पशु से लड़ते थे,
कैसे जान बचाते थे सब,
दुनिया को बतलाओ तुम ।
इतिहास लिखो, इतिहास पढ़ो
इतिहास बना दिखलाओ तुम।।
कठिनाई कितनी झेली थी
कितने दुख वे पाते थे,
कितनी मुश्किल से जीवों को
अपना मित्र बनाते थे,
क्या-क्या बीता था अतीत में
सारी बात बताओ तुम ।
इतिहास लिखो, इतिहास पढ़ो
इतिहास बना दिखलाओ तुम।।
किसने महल बनाए किसने
तब महराब बनाया था,
किसने कुंआ खुदाया किसने
लाल किला बनवाया था,
खुद समझो इस गुप्त राज को
फिर सबको समझाओ तुम ।
इतिहास लिखो, इतिहास पढ़ो
इतिहास बना दिखलाओ तुम।।
सूझ-बूझ इतिहास से लेकर
आगे कदम बढ़ाना तुम,
पड़े मुसीबत अगर कभी तो
मत उससे घबराना तुम,
अच्छी चीजें सीखो इससे
लोगों को सिखलाओ तुम ।
इतिहास लिखो, इतिहास पढ़ो
इतिहास बना दिखलाओ तुम।।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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