(बाल कविता)
मीठा-मीठा गुड़ खाना
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मीठा-मीठा गुड़ खाना ।
अच्छी चीजें अपनाना।।
गुड़ होता गुणवान बहुत
बन जाते पकवान बहुत
गुड़ अपने घर लाना जी
खाकर स्वाद बताना जी
रोज़ नियम से सेवन कर
प्रतिरोधक क्षमता पाना ।
मीठा-मीठा गुड़ खाना ।।
गुड़ से हलवा बन जाता
गुड़ भौरा सबको भाता
पुआ पकौड़ी जब बनती
सबके मन को है हरती
बच्चा बूढ़ा हर कोई
अमृत रस का दीवाना ।
मीठा-मीठा गुड़ खाना ।।
गुड़ की पूड़ी खाते जो
बहुत एनर्जी पाते वो
दूर कब्ज को कर देता
कई समस्या हर लेता
गुड़ से रिश्ता रख कर ही
तन में मजबूती लाना ।
मीठा-मीठा गुड़ खाना ।।
गुड़ का काढ़ा जो पीता
बहुत दिनों तक है जीता
अपना खून बढ़ा लेना
लीवर सही करा लेना
कई विटामिन हैं इसमें
आप सभी को समझाना ।
मीठा-मीठा गुड़ खाना ।।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'
उज्ज्वल सदन
मुंशी खेड़ा,(अपोजिट एस-169
ट्रांसपोर्ट नगर), एल.डी.ए. कालोनी,
लखनऊ-226012
मो: 07071793707
ईमेल : ujjwal226009@gmail.com


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