श्री हनुमान जयंती के पावन पर्व पर श्री हनुमानजी महराज के श्री चरणों में अर्पित श्रद्धा सुमन :-
।।श्री रामचन्द्राय नमः।।श्री राम भद्राय नमः।।
।।श्री हनुमते नमः।।
आज परम पावन तिथि आई महावीर हनुमान की।
मातु अंजना गोद सजाई पुण्य गुफा स्थान की।।
जिनके इष्टदेव रघुनायक स्वयं सकल गुन धाम की।
अतुलित बल के धाम कहाते, पुण्य मूर्ति निष्काम की।।
राम सीय जो हृदय बसाते दहन अग्नि जतुधान की।
बुद्धि श्रेष्ठ वर होय जासु मति मारुत गति गतिमान की।।
महा बिपति रावण पर लाए दाहक हेम खदान की।
पवनपुत्र मुख राम नाम धरि जापक आठों याम की।।
स्वर्णमयी काया विराट जिन्ह प्रबल अग्नि वरदान की।
जातुधान जलि गर्भपात सुनि जासु भयंकर बान की।।
वानर प्रमुख वात सुत इन्द्रिय जीत महा बलवान की।
अस विशेष गुण युक्त रामप्रिय गुन गावउँ हनुमान की।।
आपका यह दास----
-गैवीनाथ मिश्र शाहपुर रीवा
मध्यप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







