वह डरती है,
वह अपने घर में रहती है,
जहाँ वह हर पल डरती है,
कोई सामान जो उसका नहीं है,
टूट न जाए उससे,
वह डरती है।
घर के हर कोने की
सफ़ाई करते हुए,
खाना बनाते हुए,
उसके मन में डर के कुछ साये
उभरते देखे हैं उसने,
जिन्हें देखकर,
वह डरती है।
एक नौकरी जो वह करती है,
घर की नौकरी के बाद,
वह भी कहीं छूट न जाए,
कुछ फ़ैसले,
कुछ आदेश,
घर में उसके साथ रहते हैं,
जिनसे,
वह डरती है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







