एक यात्रा अन्दर तो एक यात्रा बाहर चलती।
कितने अनुभव लेकर यात्रा साथ-साथ चलती।।
कभी-कभी ताजगी की महक में मशगूल होता।
कभी साँसों के अन्दर एहसास की धारा चलती।।
कुछ लम्हों को इस कदर न जाने दे मोहब्बत में।
कभी ख्यालों में सीने से लगाने की धुन चलती।।
सब को सब कुछ कहाँ मिलता जीवन यात्रा में।
मन तृप्त नही होता नदिया इठलाते हुए चलती।।
संवेदनाएँ नम हो जाती बारिश झमाझम होती।
इंतजार ठहर जाता 'उपदेश' मन में तुम चलती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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