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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

हम आज फिर शायर बन गए

उनकी याद में हम आज फिर शायर बन गए,
‎कभी हम दोनों ऐसे ही महफ़िल
लगाया करते थे।
‎एक शेर वो सुनाते, एक हम सुनाते थे,
‎और दिल की बातों को ऐसे ही
उजागर करते थे।

‎वो महफ़िल भी क्या महफ़िल होती थी,
‎जिसमें सिर्फ़ और सिर्फ़ खुशियों की
बौछारें होती थी।
‎हर तरफ़ सुकून ही सुकून था
उस महफ़िल में,
‎हर शेर में बेपनाह प्यार और वफ़ादारी की
ख़ुशबू होती थी।

‎उनकी हाज़िर जवाबी का तो
क्या ही कहना था,
‎हमारे शेर का आखरी लफ़्ज़
पेश होता नहीं कि उनका शेर ज़ुबान पर
उतर आता था।
‎बड़े कायल थे हम उनके और उनके
शायराना अंदाज़ के,
‎हर पल उन्हीं का नाम और काम
हमारी ज़ुबान पर होता था।
🖋️ रीना कुमारी प्रजापत 🖋️












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सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (6)

+

सत्यवीर वैष्णव said

बहुत सुंदर प्रस्तुति बेहतरीन लाजवाब ‎वो महफ़िल भी क्या महफ़िल होती थी,
‎जिसमें सिर्फ़ और सिर्फ़ खुशियों की
बौछारें होती थी।
‎हर तरफ़ सुकून ही सुकून था
उस महफ़िल में,
‎हर शेर में बेपनाह प्यार और वफ़ादारी की
ख़ुशबू होती थी।

रीना कुमारी प्रजापत replied

Abhar aapka🙏sadar pranam aapko

Lekhram Yadav said

बहुत खूबसूरत एहसासों और गुजरे पलों की याद ताजा करती हुई एक खूबसूरत रचना, आपको सादर नमस्कार, मगर वो कौन थे कोई बताएगा क्या?

रीना कुमारी प्रजापत replied

Itni khubsurat samiksha ke liye bahut bahut shukriya aapka🙏sadar pranam aapko......

कृष्णा शर्मा said

बहुत खूबसूरत रचना हैं 👏👏👏👏
शब्दों क़ो बारीकी सें पिरोया हैं आपने 👏👏
सादर प्रणाम 🙏

रीना कुमारी प्रजापत replied

Bahut bahut shukriya krishna ji 🙏 sadar pranam

सुभाष कुमार यादव said

अहसासों से भरी एक सुंदर रचना।👌🙏

रीना कुमारी प्रजापत replied

Aabhar aapka

सुप्रिया साहू said

वाह वाह....किसी की कमी ख़लती है जब वो हमारे पास न हो, कितने सारे दर्द कह गए, छोटी सी कविता के माध्यम से हर जज़्बात को कह दिया आपने, बहुत खूबसूरत रचना दीदू 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

रीना कुमारी प्रजापत replied

Thanks ji

सरिता पाठक said

बहुत सुन्दर रचना उनके साथ शायरी करने का मजा ही कुछ है ❤️👌

रीना कुमारी प्रजापत replied

Bahut bahut shukriya aapka 🙏

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