"लगते हो तुम इश्क़ के जैसे ,
घूरते हो तुम इश्क़ के जैसे ,
इश्क़ क्या है क्या है , क्या ही है इश्क़
इश्क़ में तुम्हीं खो गए,
इश्क़ में हमीं खो गए,
इश्क़ आज़ादी है पर तन्हां रहना होगा,
इश्क़ मुश्किल है,
इसके पास पहुंचना तो आसान है,
इश्क़ नादानी से घबराता है,
कहीं जिंदगी जिंदगियों को बारूद रेत ना कर दे,
फिर हाल ना इश्क़ का,
फिर सवाल ना इश्क़ का,
फिर ख्याल ना इश्क़ का,
फिर इश्क़ इश्क़ रह जाता है,
और करने वाले बिखर जाते हैं,
जिंदगी में हो जाएं पर वैसा ही मत जीओ,
इश्क़ हो जाए तो होने दो,
दोनों में से किसी को इश्क़ करना नहीं है,
इश्क़ खुद कली है खिलने दो,
पर इश्क़ किसी की जिंदगी में भरना नहीं है।।"
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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