लहरे थपेड़े मारती प्राकृतिक अभियान में।
कश्ती सम्हालना मुश्किल होता तूफान में।।
बहते दरिया की तली फिर भी शांत रहती।
गहराई के मायने भी बदलते नही तूफान में।।
लहर में फंसी हुई मछली को किनारे करता।
पानी के फ़ैसले बदलते देखे गए तूफान में।।
दर्द से रिश्ता उसका खुशियाँ नसीब में नही।
पानी बहुत परेशान देखा गया है तूफान में।।
मौसम करवटे लेता वक्त-वक्त की बात होती।
हस्तियाँ मिटते देखी 'उपदेश' अभिमान में।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







