लिखता हूँ उसके लिए जो पढ़ने को बेकरार।
पढ़ते-पढ़ते बेताबी के आलम में लाए क़रार।।
राहत मिलने की सूरत में अगर तस्वीर उभरें।
मोहब्बत का उफान आए तो मिट जाए दरार।।
यादो को डायरी उसके हर पन्ने पर तुम्ही तुम।
तन्हाई में न जाने क्यों महसूस होती दरकार।।
तुम मिली और नही मिली भी जैसा माहौल।
तजुर्बा काफी खट्टा थोड़ा मीठा जाए न रार।।
चंद लफ्ज लिखने से राहत मिलती 'उपदेश'।
धीरे-धीरे पढ़ने से भी सुकून रहता बरकरार।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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