किताबों के साए में सपने सजाते,
कभी हँसते-गाते, कभी आँसू बहाते।
ये स्टूडेंट लाइफ भी क्या रंग लाती,
थोड़ी सी मुश्किल, मगर खूब भाती।
सुबह की नींद से लड़ते हुए हम,
क्लास की घंटी में खो जाते हरदम।
टीचर की बातें, नोट्स का सहारा,
एग्ज़ाम के वक्त लगता है किनारा।
दोस्तों के संग वो हँसी ठिठोली,
कैंटीन की चाय और बातें अनोखी।
छोटी-सी दुनिया, बड़े हैं ख्वाब,
हर दिन लिखते हैं अपना हिसाब।
कभी फेल होने का डर सताता,
कभी टॉप करने का ख्वाब जगाता।
मेहनत के रास्ते चलना सिखाती,
ये स्टूडेंट लाइफ ही मंज़िल दिलाती।
कल जो बनेंगे हम, आज वही हैं,
संघर्षों में ही छुपे रास्ते सही हैं।
ये पल जो बीतें, लौटेंगे नहीं,
स्टूडेंट लाइफ के दिन होते हैं यहीं। ✨


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







