तुम, हमारे जीवन का,एक अहम् किरदार हो,
हर ग़म में,हर खुशी में,आधे- आधे हिस्सेदार हो।
मोतियां हसरतों के, हमने, पलकों में कैद किया है,
अगर हम गुनहगार हैं, तो,तुम भी गुनहगार हो।
मायूसी छिपा लेती हो, गुनगुना गुनगुना कर,
एक " वो" कलाकार है,एक तुम कलाकार हो।
रसोई के एक डिब्बे में, जो, खुशियां खनखनाती है,
उन सिक्कों के कोरों में, भरी हुई, मीठी खनकार हो।
अगर मैं, तुम्हारे, हृदय का, तलबगार हूं, तो,
तुम मेरे लिए, इजहार हो, इकरार हो, तकरार हो।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







